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Gulzar Shayari in Hindi | Gulzar Poetry

Gulzar Shayari

Gulzar Shayari in Hindi सहमा सहमा डरा सा रहता है जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है Sahma sahma dara sa rehta haiJane kyun jee...

गुलज़ार । Gulzar

गुलज़ार । Gulzar

कहते कहते रुक जाती है ना जाने क्यू दोनो आंखे झुक जाती है ना जाने क्यू ओ कहते कहते रुक जाती है ना जाने क्यू...