Category: Nazm

Majaz Lakhnawi

Majaz Lakhnawi

शहर की रात और मैं, नाशाद-ओ-नाकारा फिरूँ जगमगाती जागती, सड़कों पे आवारा फिरूँ ग़ैर की बस्ती है, कब तक दर-ब-दर मारा फिरूँ ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूँ, ऐ वहशत-ए-दिल...

100 Poets 100 Posts

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Extending a big thank you to all of you who have been a part of this wonderful journey. This is just the beginning and we...

अमृता प्रीतम । Amrita Pritam

अमृता प्रीतम । Amrita Pritam

मैं तैनू फ़िर मिलांगी कित्थे? किस तरह? पता नई शायद तेरे ताखियल दी चिंगारी बण के तेरे केनवास ते उतरांगी जा खोरे तेरे केनवास दे...

Ibne Insha | Urdu Nazm | Mukarrar

Ibne Insha

Nazm by Ibne Insha | Ek Baar Kaho Tum Meri Ho Hindi Version | Ibne Insha Nazm हम घूम चुके बस्ती बन मेंएक आस का...