Category: Hindi Kavita

Hindi Kavita by Dharmivri Bharti

Dharmvir Bharti | Hindi Poetry

विदा देती एक दुबली बाँह सी यह मेड़अंधेरे में छूटते चुपचाप बूढ़े पेड़ ख़त्म होने को ना आएगी कभी क्याएक उजड़ी माँग सी यह धूल...

Harivansh Rai Bachchan

Harivansh Rai Bachchan | Hai Andheri Raat Par Diva Jalana

Harivansh Rai Bachchan Poems कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था, भावना के हाथ ने जिसमें वितानो को तना था, स्वप्न ने अपने...

Jagdish Gupt

Jagdish Gupt

​शब्द से मुझको छुओ फिर, देह के ये स्पर्श दाहक हैं। एक झूठी जिंदगी के बोल हैं, उद्धोष हैं चल के, ये असह, ये बहुत...

Chandrasen Virat

Chandrasen Virat

​लौट रहा हूँ मैं अतीत से देखूँ प्रथम तुम्‍हारे तेवर मेरे समय! कहो कैसे हो? शोर-शराबा चीख-पुकारे सड़कें भीर दुकानें होटल सब सामान बहुत है...

100 Poets 100 Posts

100 Poets 100 Posts

Extending a big thank you to all of you who have been a part of this wonderful journey. This is just the beginning and we...

द्वारिकप्रसाद माहेश्वरी । Dwarika Prasad Maheshwari

द्वारिकप्रसाद माहेश्वरी । Dwarika Prasad Maheshwari

​ उठो लाल अब आँखे खोलो पानी लाई हूँ मुँह धो लो बीती रात कमल दल फूले उनके ऊपर भंवरे डोले चिड़िया चहक उठी पेड़...

धर्मवीर भारती । Dharmavir Bharti

धर्मवीर भारती । Dharmavir Bharti

​चेक बुक हो पीली या लाल दाम सिक्के हों या शोहरत कह दो उनसे जो ख़रीदने आये हों तुम्हें हर भूखा आदमी बिकाऊ नहीं होता...